| The News Times | चन्दौली : जिले में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के नाम पर सड़कों पर सरपट दौड़ रहे ई-रिक्शा इन दिनों आम जनता के लिए जी का जंजाल बनते जा रहे हैं। बिना किसी उचित ड्राइविंग अनुभव और नियमों की अनदेखी के कारण आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। खासकर मोड़ और ऊँचे-नीचे रास्तों पर ई-रिक्शा पलटने की घटनाएं आम हो गई हैं, जिससे यात्रियों की जान पर हर वक्त खतरा मंडराता रहता है।
नाबालिग थाम रहे हैं स्टेयरिंग, प्रशासन बेखबर :
मिली जानकारी के अनुसार, अकेले पीडीडीयू नगर क्षेत्र में इस समय 200 से अधिक ई-रिक्शा धड़ल्ले से चलाए जा रहे हैं। चिंता की बात यह है कि इनमें कई चालक ऐसे हैं जो वयस्क भी नहीं हैं यानी नाबालिग (Minor) हैं। बिना किसी वैध लाइसेंस और वाहन चलाने के बुनियादी अनुभव के बिना सड़कों पर उतरने वाले ये चालक न सिर्फ अपनी बल्कि सवार अन्य यात्रियों और राहगीरों की जिंदगी भी जोखिम में डाल रहे हैं।
मोड़ और खराब सड़कों पर बढ़ रहा खतरा :
शहर के भीतर तंग गलियों, तीखे मोड़ों और जर्जर या ऊँचे-नीचे रास्तों पर इन ई-रिक्शा के बेकाबू होकर पलटने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ड्राइवरों में अनुभव की कमी होने के कारण वे अचानक ब्रेक या टर्न लेते समय वाहन पर संतुलन खो बैठते हैं, जिससे वाहन पलट जाते हैं। इस तरह की वारदातों में कई लोग घायल भी हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद इस पर कोई लगाम नहीं लग पा रही है।
प्रशासनिक सख्ती की दरकार :
स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध जनों का कहना है कि यदि इस अनियंत्रित व्यवस्था को समय रहते दुरुस्त नहीं किया गया, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। आम जनता ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि इस पर तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं। बिना लाइसेंस, कम उम्र के चालकों और अवैध रूप से दौड़ रहे ई-रिक्शा की जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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