Who is Pralhad Joshi? He has been entrusted with the responsibility of the country's new Education Minister following Dharmendra Pradhan's resignation.

कौन हैं प्रह्लाद जोशी? धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मिली देश के नए शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी

राजनीति राष्ट्रीय
  • कर्नाटक के धारवाड़ से लगातार 5 बार के सांसद और पीएम मोदी के भरोसेमंद रणनीतिकार; जानिए आरएसएस प्रचारक से केंद्रीय मंत्री तक का सियासी सफर

| The News Times | नई दिल्ली : नीट (NEET) परीक्षा विवाद और देशव्यापी छात्र विरोध प्रदर्शनों के बीच धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। प्रह्लाद जोशी वर्तमान में उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का प्रभार भी संभाल रहे हैं।

IMG-20250224-WA0008
previous arrow
next arrow
Shadow

संघ से शुरुआत और पहचान :
27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुरा (बीजापुर) में जन्मे प्रह्लाद जोशी लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे हैं। उन्होंने 1990 के दशक की शुरुआत में हुबली के विवादित ईदगाह मैदान पर राष्ट्रध्वज तिरंगा फहराने का बड़ा आंदोलन खड़ा किया था, जिसके बाद वे कर्नाटक और राष्ट्रीय राजनीति की सुर्खियों में आए। इसके बाद उन्होंने ‘कश्मीर बचाओ आंदोलन’ का नेतृत्व भी किया था।

संसदीय सफर: लगातार 5 बार दर्ज की जीत :

  • पहली जीत (2004) : कर्नाटक की धारवाड़ (तत्कालीन धारवाड़ उत्तर) सीट से पहली बार लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचे।
  • अजेय रिकॉर्ड : 2004 के बाद से वे 2009, 2014, 2019 और 2024 के आम चुनावों में लगातार धारवाड़ सीट से जीत दर्ज करते आ रहे हैं।
  • संगठन में भूमिका : वे 2012 से 2016 तक भारतीय जनता पार्टी, कर्नाटक के प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं।

मोदी सरकार में संभाले महत्वपूर्ण मंत्रालय :
मोदी सरकार के दूसरे और तीसरे कार्यकाल में प्रह्लाद जोशी को महत्वपूर्ण प्रशासनिक भूमिकाएं सौंपी गई हैं:

  • संसदीय कार्य मंत्री : 2019 से 2024 तक उन्होंने मोदी सरकार में संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्री के रूप में काम किया। संसद में सरकार का पक्ष मजबूती से रखने और विधायी कार्यों को सुचारू रूप से चलाने में उनकी अहम भूमिका रही।
  • वर्तमान प्रभार : 2024 में सरकार गठन के बाद उन्हें उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय दिया गया, और अब देश के शिक्षा क्षेत्र में बने तनावपूर्ण माहौल के बीच उन्हें शिक्षा मंत्रालय की कमान भी सौंप दी गई है।

शिक्षा मंत्रालय में नई चुनौतियां :
नीट परीक्षा धांधली को लेकर छात्रों और विपक्ष के कड़े तेवरों के बीच शिक्षा मंत्री का पद संभालना प्रह्लाद जोशी के लिए एक बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। उनके सामने परीक्षा प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता लाने, छात्रों का विश्वास बहाल करने और आगामी परीक्षाओं को सुचारू रूप से संपन्न कराने की सबसे प्राथमिक चुनौती होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *