Chandauli: This cyber fraudster was on the radar of cyber teams from eight states; police nabbed him with 21 ATM cards.

Chandauli : 8 राज्यों की साइबर टीम की रडार पर था ये साइबर ठग, 21 ATM कार्ड के साथ पुलिस ने दबोचा

उत्तर प्रदेश
  • साइबर सेल व मुगलसराय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई: 10 राज्यों की शिकायतों से जुड़े दो म्यूल खाते बरामद
  • दोगुना मुनाफा का लालच देकर ऑनलाइन गेमिंग व व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए फंसाता था ठग

| The News Times | मुगलसराय : साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत चन्दौली पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देश पर साइबर सेल चन्दौली एवं थाना मुगलसराय पुलिस की संयुक्त टीम ने मुगलसराय रेलवे स्टेशन क्षेत्र से अन्तर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को धर दबोचा। पकड़े गए अभियुक्त के पास से 21 डेबिट/एटीएम कार्ड, 4 मोबाइल फोन, कूटरचित आधार कार्ड, पासबुक और डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए हैं।

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एटीएम से संदिग्ध निकासी की सूचना पर घेराबंदी :
क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर के पर्यवेक्षण एवं थानाध्यक्ष मुगलसराय विजय प्रताप सिंह व साइबर सेल प्रभारी मिर्जा रिजवान बेग के नेतृत्व में पुलिस टीम स्टेशन परिसर के पास भ्रमणशील थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक युवक रेलवे स्टेशन के पास विभिन्न एटीएम से लगातार नकदी निकालने का प्रयास कर रहा है और उसके पास बड़ी संख्या में कार्ड मौजूद हैं। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डीआरएम कार्यालय जाने वाले मार्ग पर घेराबंदी कर संदिग्ध को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम अंकित कुमार (पुत्र जशवंत सिंह, निवासी ग्राम आजन, थाना मदनपुर, जनपद औरंगाबाद, बिहार) बताया।

10 राज्यों की साइबर शिकायतों से जुड़े हैं तार :
तलाशी के दौरान अभियुक्त के कब्जे से विभिन्न बैंकों के 21 एटीएम कार्ड, 2 बैंक पासबुक, 4 मोबाइल फोन, 1 सक्रिय वोडाफोन सिम, 4 खाली सिम पैकेट, 1 फर्जी आधार कार्ड और ₹1200 नकद बरामद किए गए।

राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर जब बरामद खातों की जांच की गई, तो उसमें महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, बिहार, पंजाब और ओडिशा सहित विभिन्न राज्यों से संबंधित कुल 10 गंभीर साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज पाई गईं।

ऑनलाइन गेमिंग और ‘पैसे दोगुना’ करने का झांसा :
कड़ाई से पूछताछ में अभियुक्त ने स्वीकार किया कि वह अपने साथी कैमी के साथ मिलकर ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से लोगों को अधिक रिटर्न व पैसे दोगुना करने का लालच देता था। निवेश के नाम पर ली गई रकम को दूसरों के नाम पर खरीदे गए फर्जी ‘म्यूल खातों’ में ट्रांसफर कराया जाता था। इसके बाद एटीएम के जरिए देश भर से पैसा निकालकर गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल करता था।

संगठित गिरोह का भंडाफोड़, मुकदमा दर्ज :
मुगलसराय पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ मु0अ0सं0 380/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2), 336(3), 338, 339 एवं 66 आईटी एक्ट में मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। पुलिस टीम अब बरामद डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण कर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।

गिरफ्तारी करने वाली टीम :
थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह, साइबर सेल प्रभारी उ0नि0 मिर्जा रिजवान बेग, उ0नि0 अभिषेक शुक्ला, उ0नि0 सुरेश चन्द्र पाण्डेय (चन्धासी चौकी प्रभारी), हे0का0 संतोष कुमार सिंह, का0 राहुल यादव एवं का0 दिनेश यादव।

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