रिपोर्ट – शिवकुमार (मोहनिया)
- जनवरी 2020 में भभुआ स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में लगा था 100 फीट ऊंचा तिरंगा
मोहनिया सदर/ पंडित दीनदयाल उपाध्याय : डीडीयू गया रेल खंड पर स्थित भभुआ रोड स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में 100 फीट की ऊंचाई पर लगा गगनचुंबी राष्ट्रीय ध्वज रविवार को क्षतिग्रस्त अवस्था में लहराते देखा गया. राष्ट्रीय ध्वज का किनारा पूरी तरह फट चुका है. लेकिन इस राष्ट्रीय ध्वज पर रेल प्रशासन की नजरे नहीं पड़ रही हैं. क्षतिग्रस्त अवस्था में राष्ट्रीय ध्वज का लहराते रहना बिल्कुल भी उचित नहीं है. इसे नजर अंदाज करना राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम 1971 की धारा 2 और भारतीय झंडा संहिता 2002 का उल्लंघन है.यदि राष्ट्रीय ध्वज कट, फट जाये या गंदा हो जाये तो उसे सम्मान पूर्वक उतार कर बदल देने का प्रावधान है.लेकिन यहां तो कई दिनों से क्षतिग्रस्त राष्ट्रीय ध्वज हवा में लहरा रहा है, और किसी की नजरे उस तरफ इनायत नहीं कर रही हैं.भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करना संविधान के मौलिक कर्तव्यों और विशेष कानून के तहत एक दंडनीय अपराध है जिसके लिये दोषी करार दिये जाने वाले व्यक्ति को तीन वर्ष तक की सजा या जुर्माना या फिर दोनों की सजा का प्रावधान है.
जनवरी 2020 में लगाया गया था राष्ट्रीय ध्वज :
पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में सबसे पहले 08 फरवरी 2019 को लगभग 18 लाख की लागत से 100 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया था. डीडीयू- गया रेल खंड के तीन रेलवे स्टेशनों जिसमें भभुआ रोड, सासाराम व औरंगाबाद का नाम शामिल है, इन तीनों रेलवे स्टेशनों के सर्कुलेटिंग एरिया में लगभग 18 लाख की लागत से जनवरी 2020 में राष्ट्रीय ध्वज लगाया गया था.100 फिट की ऊंचाई पर लहराता यह राष्ट्रीय ध्वज काफी दूरी से ही रेलवे स्टेशन की पहचान को दर्शाता है.
क्या है भारतीय झंडा संशोधन अधिनियम 2002 :
भारतीय झंडा संशोधन अधिनियम 2002 के अंतर्गत हर भारतीय नागरिक को अपने निजी मकान या संस्थान पर सम्मान पूर्वक राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अधिकार दिया गया है.संशोधित इस अधिनियम के अंतर्गत रात के समय भी राष्ट्रीय ध्वज लहराता है.इसके पूर्व राष्ट्रीय ध्वज सिर्फ सरकारी संस्थाओं या भवनों पर ही स्वतंत्रता दिवस व गणतंत्र दिवस के अवसर पर विशेष लोगों द्वारा फहराया जाता था, साथ ही सूर्यास्त से पहले राष्ट्रीय ध्वज को सम्मान पूर्वक उतार लेने का प्रावधान था.लेकिन सरकार ने भारतीय झंडा संशोधन अधिनियम 2002 के तहत सभी भारतीय नागरिकों को अपने घरों और निजी संस्थानों पर ध्वजारोहण करने का अधिकार देने के साथ ही दिन रात तिरंगा के लहराने की आजादी दे दिया है.
बोलें पीआरओ :
इस संबंध में पूछे जाने पर रेलवे के सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी विश्वनाथ ने कहा कि स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में लगाये गये राष्ट्रीय ध्वज की देखभाल के लिए प्रॉपर चैनल बना हुआ है.यदि राष्ट्रीय ध्वज क्षतिग्रस्त है तो यह कही से भी उचित नहीं है.मैं तुरंत उस डिपार्ट के लोगों से संपर्क करके बात करता हूं.

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