DDU Division's Historic 'Victory Clarion Call': Creates History by Winning 11 Shields; Grand Celebratory Procession Held Amidst Drums and Percussion.

डीडीयू मंडल का ऐतिहासिक ‘विजय शंखनाद’ : 11 शील्ड जीतकर रचा इतिहास, ढोल-नगाड़ों के साथ निकली भव्य उत्सव यात्रा

उत्तर प्रदेश

| The News Times | चन्दौली : भारतीय रेलवे के मानचित्र पर डीडीयू मंडल ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता का लोहा मनवाया है। पूर्व मध्य रेल के ‘विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार-2025’ में जीएम ओवरऑल एफिशिएंसी शील्ड सहित कुल 11 शील्ड पर कब्जा जमाकर डीडीयू मंडल ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। इस बड़ी उपलब्धि पर आज सोमवार को पूरे मंडल में दीपावली जैसा उत्साह और गौरव का वातावरण रहा।

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डीडीयू जंक्शन से डीआरएम ऑफिस तक गूंजे ढोल-नगाड़े :
इस जीत का जश्न मनाने के लिए ‘प्रगति के पथ पर अग्रसर, हम बना रहे हैं नया भारत’ के संकल्प के साथ एक भव्य उत्सव यात्रा निकाली गई। डीडीयू जंक्शन से शुरू हुई इस यात्रा में ढोल-नगाड़ों की थाप पर रेलकर्मी झूमते नजर आए। यात्रा के दौरान मंडल को प्राप्त सभी 11 शील्डों को आकर्षक रूप से प्रदर्शित किया गया। इसमें रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में कर्मचारी और भारतीय स्काउट एवं गाइड के बच्चों ने पूरे जोश के साथ भाग लिया।

डीआरएम उदय सिंह मीना ने कर्मचारियों पर लुटाया प्यार :
उत्सव यात्रा जब मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय पहुँची, तो DRM उदय सिंह मीना ने स्वयं सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। मंडल कार्यालय के सभागार में केक काटकर इस सामूहिक सफलता का जश्न मनाया गया। डीआरएम ने इस ऐतिहासिक जीत का पूरा श्रेय अपने प्रत्येक रेलकर्मी की मेहनत और टीम वर्क को दिया। उन्होंने कहा, “यह उपलब्धि आपके समर्पण और उत्कृष्ट कार्य संस्कृति का परिणाम है। मुझे विश्वास है कि हम भविष्य में भी इसी टीम भावना के साथ उत्कृष्टता की नई ऊंचाइयों को छुएंगे।”

क्यों मिला डीडीयू मंडल को यह सर्वोच्च सम्मान?
डीडीयू मंडल की इस जीत के पीछे कई बड़ी उपलब्धियां शामिल हैं :

  • रुद्रास्त्र का कमाल : 4.5 किलोमीटर लंबी ‘रुद्रास्त्र’ मालगाड़ी का सफल संचालन।
  • समयपालन में अव्वल : मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के परिचालन में कई बार 100 प्रतिशत समयपालन सुनिश्चित किया।
  • रफ्तार का ट्रायल : एक ही वित्तीय वर्ष में 160 किमी/घंटा और 180 किमी/घंटा की गति का सफल परीक्षण।
  • डिजिटल इंडिया : टिकट जांच कर्मियों के लिए डिजिटल बायोमेट्रिक साइन-अप लागू करने वाला भारतीय रेल का पहला मंडल बना।
  • त्योहारों पर प्रबंधन : होली, दीपावली और छठ जैसे भारी दबाव वाले समय में सुरक्षित और सुगम ट्रेन संचालन।

इन क्षेत्रों में मारी बाजी :
डीडीयू मंडल को इस वर्ष कुल 11 शील्ड प्राप्त हुईं, जिनमें शामिल हैं —

  • महाप्रबंधक शील्ड – जीएम ओवरऑल एफिशिएंसी शील्ड
  • कार्मिक विभाग – पर्सनल ब्रांच एफिशिएंसी शील्ड
  • यांत्रिक विभाग – बेस्ट फ्रेट डिपो शील्ड
  • सामाग्री प्रबंधन विभाग – बेस्ट स्टोर्स डिपो शील्ड (टीआरएस/डीडीयू)
  • सिग्नल एव दूरसंचार विभाग – सिग्नल एफिशिएंसी शील्ड
  • विद्युत विभाग – बेस्ट जनरल सर्विस शील्ड
  • विद्युत विभाग – गया को बेस्ट लोको क्रू लॉबी शील्ड
  • वित्त विभाग – अकाउंट्स एफिशिएंसी शील्ड
  • इंजीनियरिंग विभाग – ट्रैक मेंटेनेंस शील्ड
  • परिचालन विभाग – फ्रेट लोडिंग एफिशिएंसी शील्ड
  • परिचालन विभाग – समयपालन एफिशिएंसी शील्ड

इसके अलावा एक-एक शील्ड क्रमशः मुख्यालय नियंत्रित निर्माण विभाग तथा सिग्नल एवं टेलीकॉम विभाग को मिली है जिसमें डीडीयू मंडल का भी सहयोग व योगदान रहा है-

  • सिग्नल एवं टेलीकॉम विभाग का वर्क्स एफिशिएंसी शील्ड डीडीयू यूनिट को
  • निर्माण विभाग (दक्षिण) का ओवरऑल कंस्ट्रक्शन एफिशिएंसी शील्ड गया यूनिट को

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