Teachers' association submits memorandum to MP Virendra Singh seeking exemption from TET requirement.

TET अनिवार्यता से मुक्ति के लिए शिक्षक संघ ने सांसद वीरेंद्र सिंह को सौंपा ज्ञापन

उत्तर प्रदेश
  • सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से 20-25 वर्षों से कार्यरत शिक्षकों की आजीविका पर संकट,
  • सांसद ने संसद में मुद्दा उठाने और सेवा सुरक्षा के लिए प्राइवेट बिल लाने का दिया आश्वासन

| The News Times | चन्दौली : उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ की जनपद इकाई ने जिलाध्यक्ष आनंद कुमार पांडेय और जिला महामंत्री सुनील कुमार सिंह के संयुक्त नेतृत्व में चंदौली के माननीय लोकसभा सांसद वीरेंद्र सिंह से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें शिक्षा का अधिकार (आरटीई) एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त हुए शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने के संबंध में एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा। संघ ने सांसद से वर्तमान संसद सत्र में अध्यादेश लाने अथवा कानून में आवश्यक संशोधन कराने के लिए प्रभावी कदम उठाने का विनम्र अनुरोध किया है।

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सांसद को समस्या से अवगत कराते हुए शिक्षक नेताओं ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील संख्या 0-1385/2025 (अंजुमन-इशात-ए-तालीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र राज्य एवं अन्य) में दिए गए एक हालिया निर्णय के कारण पूरे देश के बेसिक व पूर्व माध्यमिक शिक्षकों में भारी चिंता व्याप्त है। इस आदेश के तहत आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व परिषदीय विद्यालयों में नियुक्त शिक्षकों के लिए भी सेवा में बने रहने अथवा पदोन्नति हेतु शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके तहत आगामी 31 अगस्त 2028 तक टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण न कर पाने वाले अनुभवी शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी जाएगी।

पदाधिकारियों ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आरटीई एक्ट लागू होने (23 अगस्त 2010 की एनसीटीई अधिसूचना) से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करने का कोई वैधानिक प्रावधान नहीं था। ये शिक्षक लगभग 20 से 25 वर्षों की उत्कृष्ट एवं लंबी सेवा पूरी कर चुके हैं। जीवन के इस पड़ाव पर उन्हें दोबारा परीक्षा के लिए बाध्य करना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। नौकरी जाने के डर से लाखों अनुभवी शिक्षकों के सम्मान, आजीविका और भविष्य पर गहरा संकट मंडरा रहा है।

सांसद ने दिया प्राइवेट बिल लाने का भरोसा

शिक्षकों की इस गंभीर समस्या को सुनने के बाद सांसद वीरेंद्र सिंह ने संगठन को पूर्ण रूप से आश्वस्त किया कि वे शिक्षकों की आजीविका और उनके मान-सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि वे इस संवेदनशील मुद्दे को संसद में प्रमुखता से उठाएंगे और जरूरत पड़ी तो संसद में आवश्यक संशोधन के लिए ‘प्राइवेट बिल’ (निजी विधेयक) लाने का भी पुरजोर प्रयास करेंगे।

ज्ञापन सौंपने के दौरान ये रहे उपस्थित

इस अवसर पर ज्ञापन सौंपने और समर्थन करने वालों में जिला कोषाध्यक्ष शशिकांत गुप्त, नियामताबाद के ब्लॉक अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल, ब्लॉक मंत्री हिमांशु कुमारी तिवारी, जिला प्रवक्ता बलराम पाठक, संदीप कुमार दुबे और मेराज अहमद सहित संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी और शिक्षक शामिल रहे।

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