Akhilesh's question to Modi government on LPG crisis - why are you silent on the cylinder?

LPG संकट पर अखिलेश का मोदी सरकार से सवाल— सिलेंडर पर मुँह क्यों सिले हैं?

उत्तर प्रदेश राजनीति राष्ट्रीय

| The News Times |लखनऊ : रूस-यूक्रेन के बाद अब ईरान-इजरायल युद्ध का असर भारत की रसोई तक पहुँचता दिख रहा है। देश के कई हिस्सों में एलपीजी (LPG) सिलेंडर की किल्लत और आपूर्ति बाधित होने की खबरों के बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया है। अखिलेश यादव ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, तो देश एक बार फिर पुरानी व्यवस्था (मिट्टी के चूल्हे) पर लौटने को मजबूर हो जाएगा।

IMG-20250224-WA0008
previous arrow
next arrow
Shadow

“सिलेंडर पर सरकार के मुँह क्यों सिले हैं?”
अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘X’ पर पोस्ट करते हुए पूछा कि आखिर इस किल्लत पर सरकार चुप क्यों है? उन्होंने कहा, “सिलेंडर पर सरकार के मुंह क्यों सिले हैं? कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत दरअसल अपने घरों से दूर रह रहे विद्यार्थियों, कामगारों, पेशेवरों और मजदूरों के लिए भोजन की समस्या बन गई है।” उन्होंने आशंका जताई कि आपूर्ति चेन प्रभावित होने से क्लाउड किचन और फूड स्टार्टअप्स भी बंद होने की कगार पर पहुँच जाएंगे।

यूपी जैसे बड़े राज्य में दावों की खुली पोल :
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए कहा कि जिस राज्य में सरकार सबसे ज्यादा गैस कनेक्शन देने का दावा करती थी, आज वहां सिलेंडर भरने के लाले पड़े हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी के सांसदों ने भी इस किल्लत को लेकर सरकार को पत्र लिखे हैं। उन्होंने सवाल किया— “क्या सरकार के पास कोई वैकल्पिक रास्ता है? अगर दो हफ्ते यही हालात रहे, तो लोगों को कंडे और लकड़ी खोजने पड़ेंगे।”

ईरान-इजरायल युद्ध और घरेलू चिंता :
युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर गैस और तेल की आपूर्ति पर असर पड़ने की खबरों के बीच अखिलेश यादव ने कहा कि कई देशों ने पाबंदियां लगानी शुरू कर दी हैं। ऐसे में भारत सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि वह आपूर्ति कैसे सुनिश्चित करेगी। उन्होंने मांग की कि सरकार जनता को स्पष्ट सूचना दे ताकि लोग समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था कर सकें।

विपक्ष की मांग: संसद में हो चर्चा :
सपा प्रमुख ने कहा कि लोकसभा में उनकी पार्टी का पक्ष साफ था कि इन तमाम चीजों (ईंधन और आपूर्ति) के इंतजाम पर पहले चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *