CBI Raid : गया रेलवे डिपो में सीबीआई की छापेमारी, रेलवे में भ्रष्टाचार की खुल रही कलई..

उत्तर प्रदेश बिहार

| The News Times | चंदौली : रेलवे विभाग में गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार की जांच के तहत केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और रेलवे विजिलेंस की संयुक्त टीम ने सोमवार को डीडीयू मंडल के गया जंक्शन स्थित सेंट्रल ट्रैक डिपो में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान वरीय प्रशाखा अभियंता (एसएसई) आर. डी. चौधरी और खलासी पद पर कार्यरत राजेश से पूछताछ के बाद उन्हें टीम अपने साथ ले गई।

IMG-20250222-WA0003
IMG-20250224-WA0008
previous arrow
next arrow
Shadow

रेलवे के सूत्रों ने बताया कि सीबीआई की टीम सुबह करीब 11 बजे डिपो पहुंची थी और यहां तैनात अधिकारियों- कर्मचारियों से करीब छह बजे तक पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद देर रात अभियंता और खलासी को विशेष जांच के लिए सीबीआई साथ ले गई।

पूरे मंडल को होती है आपूर्ति :
बताया गया कि यह डिपो पूर्व मध्य रेलवे के पांचों मंडलों के लिए आवश्यक ट्रैक सामग्रियों की आपूर्ति का केंद्र है। ऐसे में यहां किसी प्रकार की अनियमितता का असर व्यापक स्तर पर हो सकता है।

डेहरी-ऑन-सोन और सोननगर में भी हुई थी कार्रवाई :
सूत्रों के मुताबिक, कुछ दिन पहले डेहरी-ऑन-सोन में भी CBI ने छापेमारी की थी, जहां से एक अन्य रेलकर्मी को भी पूछताछ के लिए अपने साथ ले जाया गया था। जानकारी के अनुसार मामला रेलवे सामग्री की चोरी और उससे अवैध संपत्ति अर्जन से जुड़ा हुआ है। इसके तहत सासाराम में एक सेवानिवृत्त रेल अधिकारी के घर भी छापेमारी की गई, लेकिन वह अधिकारी मौके पर नहीं मिले।

दस्तावेजों की छानबीन जारी :
मंगलवार की सुबह एक बार फिर से CBI और रेलवे विजिलेंस की टीम गया पहुंची और पी-वे कार्यालय तथा स्टोर सेक्शन में जांच-पड़ताल की। टीम ने दस्तावेजों की गहन जांच की, लेकिन कर्मचारियों द्वारा रजिस्टर और चालान उपलब्ध नहीं कराए जा सके, जिससे संदेह और गहरा हो गया है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई आगे अन्य डिपो और अधिकारियों तक भी पहुंच सकती है।

सूत्रों के अनुसार सीबीआई को अपनी जांच के क्रम में यह जानकारी मिली कि सीनियर सेक्शन इंजीनियर राम दास चौधरी,के निर्देश पर राजेश कुमार हेल्पर ने 7.92 करोड़ रुपये का कमीशन, रिश्वत विभिन्न आपूर्तिकर्ताओं और फर्म से प्राप्त किया है। यह बात की पुष्टि हेल्पर ने पूछताछ में भी सीबीआई को दी। यह राशि नकद या बैंक खातों में प्राप्त की गई थी। राशि का बंटवारा विभिन्न लोगों के बीच किया गया।

पुख्ता जानकारी मिलने के बाद सीबीआई ने इस मामले में सीनियर सेक्शन इंजीनियर राम दास चौधरी, राजेश कुमार हेल्पर और एक अज्ञात के खिलाफ पी.सी. अधिनियम, 1988 (2018 में संशोधित) की धारा 7, 8 और 12 के तहत एक नियमित मामला दर्ज किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *